भारत आत्मनिर्भर पैकेज के तहत आज तीसरी कॉन्फ्रेंस में किसानों के लिए राहत। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज की तीसरी क़िस्त में दिया कृषि,पशुपालन पर जोर। 1.63 लाख करोड़ रुपये कृषि अथवा इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए

किसानों के लिए सरकार ने उठाये 11 अहम कदम – तीसरी क़िस्त कृषि के नाम

अन्नदाता को मजबूत करेंगे ये 11अहम कदम

  1. कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक बनाएंगे –
    लाभ: किसानों को फसल का सही मूल्य मिलेगा, जिससे आय बढ़ेगी।
  2. खाद्य प्रसंस्करण –
    लाभ: गावों और उससे सटे एरिया में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। इससे जुड़े लोगों के आय के साधन बढ़ेंगे।
  3. मछली पालन –
    लाभ: इससे 50 लाख को रोज़गार मिलेगा, भारत का निर्यात बढ़ेगा और आय के साधन भी बढ़ेंगे।
  4. पशुपालन इंफ्रा के लिए 15 हज़ार करोड़ –
    लाभ: देशभर में पशुओं को रखने में किसानों की मदद करेगी, इससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
  5. हर्बल खेती पर ज़ोर –
    लाभ: हर्बल खेती से किसानों को 5 हज़ार करोड़ की आय होगी।
  6. पशुओं के टीकाकरण के लिए 13 हज़ार 343 करोड़ –
    लाभ: मवेशी रोगमुक्त होने से भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी।
  7. मधुमक्खी पलकों की आमदनी बढ़ेगी –
    लाभ: इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय बढ़ेगी और आम लोगों को अच्छा शहद मिल पाएगा।
  8. टॉप टू टोटल का दायरा बढ़ाया गया –
    लाभ: सब्जियों के उत्पादक किसानों को नुकसान नहीं उठाना होगा और उनको सही कीमत मिल पाएगी, इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
  9. कानून में बदलाव से राहत –
    लाभ: किसानों की आय बढ़ेगी और फसल सही कीमत पर व्यापारी या निर्यातक खरीद पाएंगे। किसान उत्पाद को जहां चाहे बेच पाएंगे।
  10. कृषि विपणन सुधार –
    लाभ: किसान दूसरे राज्यों में जाकर भी बिना रोकटोक कृषि उपज बेच सकेंगे। वे ई-ट्रेडिंग भी कर सकेंगे।
  11. फसल की सही कीमत आंकलन संभव –
    लाभ: किसानों की आय में इज़ाफ़ा होगा और अनिश्चितता खत्म होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here