गरीब मजदूर पर कोरोना वायरस का क्या असर पड़ा है क्या उनको आने वाले समय में और ज्यादा परेशानियाँ होंगी।  Agar  जैसे काम करने के liye  लिए lockdown खुल जाता है तो कितना समय लगेगा मज़दूरों को वापस पटरी पर लौटने में। 

Ans.

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा जो affect हुआ है वो है गरीब मजदूर किसान। 

आपको यह भी बता देते है की PLFS  जुलाई 2017 से जून 2018 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग  415 million informal worker है 

। जिसमें ग्रामीण से शहरी प्रवासी भी शामिल है जो के अलग अलग क्षेत्र में काम करते है 

निर्माण, विनिर्माण (कारखानों, कार्यशालाओं और यहां तक ​​कि घरों में), घरेलू काम, स्ट्रीट वेंडिंग, अपशिष्ट बीनने और रीसाइक्लिंग, स्वच्छता, रेस्तरां, खाद्य वितरण और संबद्ध सेवाओं और परिवहन के सभी रूपों जैसे क्षेत्रों में फैले हुए हैं।

उन्हें आमतौर पर दिन के हिसाब से 400 रुपये से लेकर 1000 रुपये (यूएस $ 5 से यूएस $ 13) तक भुगतान किया जाता है।

 यह बचत के लिए koi bahut jyada गुंजाइश नहीं है; वास्तव में, yaha tak ki कई अनौपचारिक कर्मचारियों के पास अपनी आय अर्जित करने के लिए उचित बैंक खाते भी नहीं होते हैं।

भारत Desh  को कोरोना वायरस संकट के कारण गरीबी में गिरने का संकट है  

“इस वर्ष की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर 195 मिलियन पूर्णकालिक नौकरियां या 6.7 प्रतिशत कार्य समय समाप्त करने की उम्मीद है,

 expected to wipe out 195 million full-time jobs or 6.7 percent of working hours globally in the second quarter of this year”

अगर lockdown  खुल जाता है तो मजदूर कितने समय में बापस पटरी पर लौट सकते है। 

जैसा की कोरोना वायरस जो है वो अभी भी गति के साथ बाद रहा है इसके साथ साथ रिकवर भी हो रहे है.

2 महीने लोगो ने काम नहीं kiya है agra hisab lagaya jaye to लोगो का तो उनको तकलीबन 40 se 50 हजार का घाटा हुआ है 

इस घाटे को पूरा करने में लोगो को तकलीबन 4 से 6 महीने का समय लग सकता है।  और सरकार  भी पूरी कोशिश  कर रही है लोगों तक ज्यादा से ज्यादा सुविधाएँ पहुंचे जिससे लोग बापसी कर सके। 

Estimated impact from the coronavirus (COVID-19) on India in 2020, by market

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here