Unemployment पर कोरोना का सबसे गहरा असर हो रहा है जिससे की इंडिया की इकॉनमी तबाह हो सकती है

इंडिया की इकॉनमी तबाह हो सकती है

बेरोजगारी का तूफ़ान आने को लेकर भारत में एक बहुत बड़ा खतरा सामने है।
CMIE और ILO जैसी एजेंसियों ने भारत को चेताया, यहाँ तक की ICRA ने कहा कि भारत की जीडीपी 2020-21 में 2 फीसदी तक रह सकती है

आपको बता दें की CORONA से भारत के 40 करोड़ (श्रमिक , कामगार ) प्रभावित हुए है जिससे उनको रोज की जिन्दंगी में काफी सारी अटकले आ रही है और
अप्रैल में jobless का जो आंकड़ा है वो 120 मिलियन पर गया है. आप अंदाजा लगा ही सकते है की कितना खरनाक असर होने वाला है बेरोजगारी पर।

महामारी से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए अपेक्षाकृत सबसे कम तैयार थे ये देश

इस रिपोर्ट के अनुसार, “भारत, नाइजीरिया और ब्राजील के साथ उन देशों में शामिल है, जो इस महामारी से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए अपेक्षाकृत सबसे कम तैयार थे। इस वजह से इसका असर देश के अंसगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ेगा और वे बेरोजगारी और गरीबी के गहरे दुष्चक्र में फंसते चले जाएंगे।”

employees को salary देना एक कठिन काम हो गया

जैसा की लोग काम को छोड़कर अपने गांव शहर लौट गए है तो जो प्राइवेट कंपनियां है उनको अभी थोड़ा टाइम लग सकता है दोबारा से बापस उसी पटरी पर लौटने में क्यूंकि आम तौर पर इंडिया में ज्यादातर कंपनियां जो है वो निजी है।

जो लोकल एरिया का काम करती है तो उनके पास से लगभग 70 % business खताम हो गया है। ऐसे ऐसे में बिज़नेस लाना employees को salary देना एक कठिन काम हो गया।

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